By - Gurumantra Civil Class
At - 2025-03-29 19:18:16
भारतीय इतिहास में भारत की वीर रानियों द्वारा किया गया जौहर -
भारत के इतिहास में जौहर एक प्रथा थी जिसमें युद्ध की स्थिति में सम्मान और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए महिलाओं ने सामूहिक रूप से अग्नि में आत्मदाह किया। यह प्रथा मुख्य रूप से राजपूत इतिहास में देखी गई थी, खासकर जब किसी राज्य की पराजय निश्चित हो जाती और महिलाओं को दुश्मनों के हाथों अपमानित होने का खतरा होता।जौहर की प्रथा कठोर सामाजिक परिस्थितियों में सम्मान की रक्षा के लिए की जाती थी। यह भारतीय इतिहास का एक भावनात्मक और नाटकीय पहलू रहा है, जो विशेष रूप से राजपूत वीरता और बलिदान की गाथाओं से जुड़ा हुआ है।
1. अलाउद्दीन खिलजी का चित्तौड़ पर आक्रमण (1303 ई.)
विदेशी आक्रमणकारी: अलाउद्दीन खिलजी (दिल्ली सल्तनत, तुर्क)
रक्षक: राणा रतन सिंह (मेवाड़)
मुख्य रानी: रानी पद्मिनी
परिणाम:
अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तौड़ पर आक्रमण कर दिया और राणा रतन सिंह को धोखे से कैद कर लिया।
जब चित्तौड़ की हार निश्चित हो गई, तो रानी पद्मिनी और हजारों राजपूत महिलाओं ने जौहर कर लिया।
राजपूत योद्धाओं ने शाका (आत्मघाती युद्ध) किया और किले में वीरगति को प्राप्त हुए।
2. बहादुर शाह का चित्तौड़ पर आक्रमण (1535 ई.)
विदेशी आक्रमणकारी: बहादुर शाह (गुजरात का सुल्तान, अफगान)
रक्षक: विक्रमादित्य सिंह (मेवाड़)
मुख्य रानी: रानी कर्णावती
परिणाम:
बहादुर शाह की सेना ने चित्तौड़ को घेर लिया और अंततः किले को जीत लिया।
रानी कर्णावती ने हजारों राजपूत महिलाओं के साथ जौहर कर लिया।
राजपूत योद्धाओं ने अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी और वीरगति को प्राप्त हुए।
3. अकबर का चित्तौड़ पर आक्रमण (1568 ई.)
विदेशी आक्रमणकारी: अकबर (मुगल)
रक्षक: जयमल और पत्ता (मेवाड़)
मुख्य रानी: रानी फूल कंवर
परिणाम:
अकबर ने चित्तौड़गढ़ पर घेरा डाला और भयंकर युद्ध के बाद किले को जीत लिया।
रानी फूल कंवर और अन्य हजारों महिलाओं ने जौहर कर लिया।
जयमल और पत्ता के नेतृत्व में राजपूत योद्धाओं ने शाका किया और अंतिम सांस तक लड़े।
4. आदम खान का मांडू पर आक्रमण (16वीं सदी)
विदेशी आक्रमणकारी: आदम खान (अकबर का सेनापति, मुगल)
रक्षक: बाज बहादुर (मालवा)
मुख्य रानी: रानी रूपमती
परिणाम:
अकबर के सेनापति आदम खान ने मालवा पर आक्रमण किया और बाज बहादुर की सेना को हरा दिया।
रानी रूपमती ने अपमान से बचने के लिए विषपान कर आत्महत्या कर ली।
5. शेरशाह सूरी का कलिंजर पर आक्रमण (1545 ई.)
विदेशी आक्रमणकारी: शेरशाह सूरी (अफगान)
रक्षक: बुंदेला राजा की सेना
मुख्य रानी: रानी धीरबाई और अन्य राजपूत महिलाएँ
परिणाम:
शेरशाह सूरी की सेना ने कलिंजर किले को जीत लिया।
पराजय के बाद बुंदेला राजपूत महिलाओं ने जौहर कर लिया ताकि वे शेरशाह की सेना के हाथों अपमानित न हों।
6. रानी जयवंताबाई (मेवाड़)
स्थान: मेवाड़
युद्ध: मुगल आक्रमण
विवरण: जब मुगलों ने मेवाड़ पर हमला किया और राज्य की रक्षा असंभव हो गई, तो रानी जयवंताबाई ने अन्य महिलाओं के साथ जौहर किया।इन वीर रानियों का बलिदान राजपूत शौर्य, स्वाभिमान और आत्मसम्मान की मिसाल है। उनका यह साहसिक निर्णय भारतीय इतिहास में वीरता और बलिदान की गाथाओं को अमर कर गया।
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Jauhar by India's Brave Queens in Indian History
Jauhar was a tradition in Indian history where, in times of war, women collectively self-immolated in fire to protect their honor and dignity. This practice was primarily observed in Rajput history, especially when the defeat of a kingdom was inevitable, and women faced the threat of humiliation at the hands of enemies. Jauhar was performed under extreme social circumstances to uphold honor. It remains an emotional and dramatic aspect of Indian history, deeply linked to Rajput valor and sacrifice.
1. Alauddin Khilji’s Attack on Chittorgarh (1303 CE)
Foreign Invader: Alauddin Khilji (Delhi Sultanate, Turk)
Defender: Rana Ratan Singh (Mewar)
Main Queen: Rani Padmini
Outcome:
Alauddin Khilji attacked Chittorgarh and deceitfully captured Rana Ratan Singh.
When the fall of Chittorgarh became certain, Rani Padmini and thousands of Rajput women performed Jauhar.
Rajput warriors engaged in Shaka (a ritualistic last stand) and attained martyrdom within the fort.
2. Bahadur Shah’s Attack on Chittorgarh (1535 CE)
Foreign Invader: Bahadur Shah (Sultan of Gujarat, Afghan)
Defender: Vikramaditya Singh (Mewar)
Main Queen: Rani Karnavati
Outcome:
Bahadur Shah’s forces besieged Chittorgarh and eventually captured the fort.
Rani Karnavati, along with thousands of Rajput women, committed Jauhar.
Rajput warriors fought bravely till their last breath and attained martyrdom.
3. Akbar’s Attack on Chittorgarh (1568 CE)
Foreign Invader: Akbar (Mughal Empire)
Defenders: Jaimal and Patta (Mewar)
Main Queen: Rani Phool Kanwar
Outcome:
Akbar laid siege to Chittorgarh, and after a fierce battle, the fort fell.
Rani Phool Kanwar and thousands of other women performed Jauhar.
Rajput warriors, led by Jaimal and Patta, fought till death in a heroic last stand.
4. Adham Khan’s Attack on Mandu (16th Century CE)
Foreign Invader: Adham Khan (Commander of Akbar, Mughal)
Defender: Baz Bahadur (Malwa)
Main Queen: Rani Roopmati
Outcome:
Akbar’s commander, Adham Khan, invaded Malwa and defeated Baz Bahadur’s forces.
To escape humiliation, Rani Roopmati consumed poison and ended her life.
5. Sher Shah Suri’s Attack on Kalinjar (1545 CE)
Foreign Invader: Sher Shah Suri (Afghan)
Defender: The Bundela Rajput Army
Main Queen: Rani Dheerbai and other Rajput women
Outcome:
Sher Shah Suri’s army conquered Kalinjar Fort.
After the defeat, Bundela Rajput women performed Jauhar to avoid dishonor at the hands of the enemy forces.
6. Rani Jaywantabai (Mewar)
Location: Mewar
War: Mughal Invasion
Details:
When the Mughals attacked Mewar and its defense became impossible, Rani Jaywantabai, along with other women, performed Jauhar.
The sacrifice of these brave queens is a testament to Rajput valor, self-respect, and honor. Their courageous decisions have immortalized their stories in Indian history, symbolizing heroism and unwavering determination.
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