BPSC AEDO & Bihar SI Full Test Discussion Start from 3rd November 2025 . Total Set Discussion- 50+50. BPSC 72nd, UPPSC 2026, MPPSC 2026, Mains Cum Pt Batch Start from 10 November 2025

BPSC 70th MOCK INTERVIEW, Day -5

By - Gurumantra Civil Class

At - 2025-12-20 14:45:31

Theme: Rural Employment Policy (MGNREGA → New Act)

 

🔷 Question 1 (Warm-up)

आप संक्षेप में बताइए, मनरेगा क्या है?

✅ High-Score Answer

मनरेगा, अर्थात महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम,

एक अधिकार-आधारित कानून है, जो ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष न्यूनतम 100 दिनों का मजदूरी-आधारित रोजगार सुनिश्चित करता है और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है।

🎯 Board Check: Concept + Definition clear

 

🔷 Question 2 (Shift to Current Affairs)-

हाल में संसद में मनरेगा के स्थान पर नई व्यवस्था लाने की बात हुई है। इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी होगी?

✅ Model Answer

सरकार के अनुसार, ग्रामीण विकास की वर्तमान आवश्यकताओं—जैसे परिसंपत्ति गुणवत्ता, कौशल उन्नयन और डिजिटल निगरानी—को बेहतर ढंग से संबोधित करने के लिए मौजूदा ढाँचे को अद्यतन करने की आवश्यकता महसूस की गई होगी।

⚠️ TRAP

❌ “मनरेगा असफल हो गया था”

✅ Safe Line

✔ “नई आवश्यकताओं के अनुरूप अद्यतन की बात कही जा रही है”

 

🔷 Question 3 (Direct TRAP)

क्या इसका अर्थ यह है कि सरकार रोजगार की गारंटी खत्म कर रही है?

✅ Very Mature Answer

ऐसा निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाज़ी होगी।

यदि नई व्यवस्था में रोजगार की मांग का अधिकार और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित रहता है, तो गारंटी व्यवहार में बनी रह सकती है।

मूल प्रश्न क्रियान्वयन का है, न कि केवल नाम परिवर्तन का।

🎯 Board Impression: Balanced, non-political

 

🔷 Question 4 (Opposition Angle)

विपक्ष कह रहा है कि इससे गरीबों का अधिकार छिन जाएगा—आप क्या कहेंगे?

✅ High-Scoring Answer

विपक्ष की चिंता अधिकार-आधारित सुरक्षा को लेकर है, जो एक वैध प्रशासनिक चिंता है।

यदि नई व्यवस्था में यह सुरक्षा कमजोर पड़ती है, तो सुधार आवश्यक होगा।

नीति का मूल्यांकन उसके प्रभाव से होना चाहिए।

⚠️ TRAP

❌ “विपक्ष राजनीति कर रहा है”

✅ Safe Line

✔ “विपक्ष की चिंता को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता”

 

🔷 Question 5 (Comparison)

मनरेगा और नई व्यवस्था में मूल अंतर क्या दिखाई देता है?

✅ Crisp Answer

मनरेगा रोजगार-गारंटी पर केंद्रित था,

जबकि नई व्यवस्था रोजगार को कौशल, परिसंपत्ति और उत्पादकता से जोड़ने का प्रयास करती दिखती है।

अंतर गारंटी बनाम दक्षता के दृष्टिकोण का है।

 

🔷 Question 6 (Federalism – High Weightage)

कुछ राज्य कह रहे हैं कि उन पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा—क्या यह सही है?

✅ Board-Friendly Answer

यदि केंद्र-राज्य वित्तीय साझेदारी का अनुपात बदला जाता है, तो सीमित संसाधन वाले राज्यों पर दबाव बढ़ सकता है।

बिहार जैसे राज्यों के लिए यह आवश्यक है कि केंद्र की वित्तीय जिम्मेदारी स्पष्ट बनी रहे।

🎯 Use of Bihar angle = Extra marks

 

🔷 Question 7 (Bihar Focus)

बिहार के संदर्भ में मनरेगा/नई योजना का क्या महत्व है?

✅ High-Impact Answer

बिहार में ग्रामीण आबादी बहुत अधिक है और प्रवासन एक बड़ी चुनौती रही है।

मनरेगा जैसी योजनाएँ संकट काल में आजीविका सुरक्षा देती हैं।

नई व्यवस्था तभी सफल होगी जब यह बिहार जैसे राज्यों की जमीनी वास्तविकताओं को ध्यान में रखे।

 

🔷 Question 8 (Administrative Role)

यदि आप DM हों और नई योजना लागू करनी हो, तो आप क्या करेंगे?

✅ TOP-Rank Answer

मेरी प्राथमिकताएँ होंगी—

मांग-आधारित कार्य की वास्तविक उपलब्धता

समयबद्ध DBT भुगतान

सामाजिक अंकेक्षण और शिकायत निवारण

ताकि गरीब परिवारों का विश्वास बना रहे।

 

🔷 Question 9 (Ethical + Policy)

क्या परिसंपत्ति गुणवत्ता बढ़ाने के लिए रोजगार-गारंटी से समझौता किया जा सकता है?

✅ Perfect Balanced Answer

नहीं, दोनों के बीच संतुलन आवश्यक है।

रोजगार-गारंटी गरीबों की जीवन-रेखा है, जबकि परिसंपत्ति गुणवत्ता विकास की स्थिरता सुनिश्चित करती है।

एक को दूसरे के विरुद्ध नहीं रखा जाना चाहिए।

 

🔷 Question 10 (Closing – निर्णायक)

एक वाक्य में बताएँ—इस पूरे विवाद का सार क्या है?

✅ High-Scoring Closing Line

यह बहस नाम परिवर्तन की नहीं, बल्कि रोजगार की कानूनी गारंटी, संघीय संतुलन और ग्रामीण आजीविका की आत्मा से जुड़ी है।

 

इनका प्रयोग उत्तर में करें:

  • अधिकार-आधारित ढाँचा
  • सामाजिक सुरक्षा
  • संघीय वित्तीय संतुलन
  • अंतिम व्यक्ति पर प्रभाव
  • क्रियान्वयन की गुणवत्ता

 

🔴 सबसे बड़ा TRAP (याद रखें)

❌ “नई योजना गलत है”

❌ “मनरेगा ही सब कुछ था”

✅ Safe प्रशासनिक लाइन

किसी भी नीति का मूल्यांकन उसके नाम से नहीं, बल्कि उसके प्रभाव और कार्यान्वयन से किया जाना चाहिए।

Bihar-Focused Data Points (इंटरव्यू में वैल्यू ADD करते हैं)

आप शब्दशः नहीं, संकेत रूप में प्रयोग करें:

  • बिहार देश के उन राज्यों में है जहाँ ग्रामीण आबादी 85% से अधिक है
  • संकट काल (कोविड आदि) में मनरेगा ने प्रवासी श्रमिकों के लिए सेफ्टी-नेट का काम किया
  • बिहार में पंचायत-स्तर पर रोजगार योजनाओं की डिमांड-सप्लाई गैप हमेशा चुनौती रही है
  • समयबद्ध भुगतान और कार्य उपलब्धता—बिहार प्रशासन के लिए संवेदनशील मुद्दे रहे हैं

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BPSC 70th Interview Tips

 

1️⃣ साक्षात्कार परीक्षा क्या होती है?

साक्षात्कार परीक्षा वह चरण है जिसमें अभ्यर्थी के व्यक्तित्व, सोचने की क्षमता, निर्णय-क्षमता, नैतिक दृष्टिकोण, तथा प्रशासनिक उपयुक्तता का प्रत्यक्ष मूल्यांकन किया जाता है।

यह कोई “ज्ञान जाँच” की परीक्षा नहीं होती, बल्कि यह देखा जाता है कि अभ्यर्थी लोकसेवक बनने के योग्य है या नहीं।

👉 इसे अक्सर Personality Test भी कहा जाता है।

 

2️⃣ साक्षात्कार परीक्षा का महत्व- 

 (i) लिखित परीक्षा की सीमाओं को पूरा करना -

लिखित परीक्षा में केवल स्मरण शक्ति, उत्तर लेखन कौशल की जाँच होती है, जबकि साक्षात्कार में व्यवहार, सोच, संतुलन, आत्मविश्वास को परखा जाता है।

 

 (ii) प्रशासनिक क्षमता का आकलन - 

लोकसेवक को दबाव में निर्णय लेना होता है। जनता से संवाद करना होता है, निष्पक्ष रहना होता है। साक्षात्कार में इन्हीं क्षमताओं को परखा जाता है।

 (iii) व्यक्तित्व की समग्र जाँच- 

साक्षात्कार यह देखता है कि अभ्यर्थी में ईमानदारी, नैतिकता, नेतृत्व, संवेदनशीलता जैसे गुण हैं या नहीं।

 

 साक्षात्कार परीक्षा का उद्देश्य - 

🎯 मुख्य उद्देश्य:- 

यह जानना कि अभ्यर्थी सिर्फ विद्वान ही नहीं, बल्कि एक अच्छे प्रशासक और जिम्मेदार लोकसेवक बनने योग्य है या नहीं।

 उद्देश्य को बिंदुओं में समझें:

1. व्यक्तित्व का मूल्यांकन

– आत्मविश्वास, संतुलन, विनम्रता

2. निर्णय-क्षमता की जाँच

– नैतिक दुविधा में क्या सोचता है

3. सोच की स्पष्टता

– प्रश्न को कैसे समझता और उत्तर देता है

4. जनसेवा दृष्टिकोण

– सत्ता नहीं, सेवा का भाव

वर्तमान घटनाओं की समझ

– करंट अफेयर्स पर संतुलित दृष्टि

4️⃣ साक्षात्कार परीक्षा क्या नहीं होती - 

❌ रटने की क्षमता की नहीं

❌ ट्रिक सवालों से फँसाने की नहीं

❌ अभ्यर्थी को नीचा दिखाने की नहीं

बल्कि यह:

✔ संवाद आधारित

✔ मित्रवत लेकिन विश्लेषणात्मक

✔ व्यवहारिक परीक्षा होती है

 

5️⃣ इंटरव्यू बोर्ड क्या देखता है?

इंटरव्यू बोर्ड यह देखता है कि अभ्यर्थी: - 

✔ दबाव में शांत रहता है या नहीं

✔ असहमति को सम्मान से रख सकता है या नहीं

✔ सत्ता को जिम्मेदारी समझता है या नहीं

✔ समाज के प्रति संवेदनशील है या नहीं

6️⃣ उत्तर देने का आदर्श ढाँचा - 

✍️ मॉडल उत्तर (30–40 सेकंड):

साक्षात्कार परीक्षा का उद्देश्य अभ्यर्थी के व्यक्तित्व, सोच और प्रशासनिक क्षमता का मूल्यांकन करना है।

यह देखा जाता है कि वह केवल ज्ञानवान ही नहीं, बल्कि नैतिक, संतुलित और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्ध लोकसेवक बन सकता है या नहीं।

इसलिए इसका महत्व लिखित परीक्षा से अलग लेकिन उतना ही आवश्यक है।

7️⃣ BPSC दृष्टिकोण से - 

📌 BPSC इंटरव्यू में चयन ज्ञान से नहीं, बल्कि “Balance + Behaviour + Bureaucratic Aptitude” से होता है।

 

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